࿕ ॐ श्री गणेशाय नमः ࿕

पंचतत्वम्

ज्ञान ही शक्ति है



प्रेम से बना एक संस्थल

प्रेम से बना एक संस्थल

यूँ तो संस्थल बनाना मेरा व्यवसाय है किन्तु स्वयं के लिये अभी तक कोई संतोषजनक संस्थल बनाने में असमर्थ रहा हूँ । खैर, ये वाला संस्थल बना कर मुझे कुछ संतोष सा तो है । सरल है, काम करता है । अभी के लिये ये ही ठीक है ।

प्रेम से बना एक संस्थल
प्रेम से बना एक संस्थल [ स्त्रोत ]

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